रांची (RANCHI)आतंकी संगठन अलकायदा मॉड्यूल के मास्टरमाइंड डॉ. इश्तियाक अहमद के मोबाइल फोन से डॉ. इश्तियाक कई बड़े खुलासे हो रहे हैं। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल को जांच में पता चला है कि डॉ. इश्तियाक सोशल मीडिया एप टेलीग्राम के जरिए अपना नेटवर्क चला रहा था। मॉड्यूल से जुड़े सभी संदिग्ध आतंकी कई ग्रुपों में एक दूसरे से जुड़े थे। इनमें कुछ सदस्य पाकिस्तान, अफगानिस्तान और अन्य देशों के भी हैं। स्पेशल सेल को जानकारी मिली कि अलकायदा इन इंडियन सबकॉन्टिनेंट टिस संगठन में शामिल युवकों को ट्रेनिंग देने की जिम्मेदारी हजारीबाग से गिरफ्तार फैजान अहमद की थी। वह फिजिकल ट्रेनिंग के साथ हथियार चलाने और बम बनाना भी ग्रीखता था। ट्रेनिंग झारखंड के जंगालों, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में दी जा रही थी।
हजारीबाग के फैजान को बनाया था ट्रेनर…
बता दें कि दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और झारखंड पटीएस ने 22 अगस्त को डॉ. इश्तियाक आमद, फैजान अहमद, मतीउर रहमान, रिजवान बाबर और मुफ्ती रहमतुल्लाह को रांची, लोहरदगा और हजारीबाग से गिरफ्तार किया था। दिल्ली पुलिस सभी भी संदिग्धों को अपने साथ ले गई है।
अब एनआईए केस टेक ओवर करने की तैयारी में
नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) जल्द ही केस टेकओवर कर सकती है। झारखंड से गिरफ्तार 5 संदिग्ध को रिमांड पर लेकर पूछताछ करने की तैयारी में है। जांच एजेंसी पहले से ही झारखंड में इंडियन मुजाहिदीन (आईएम) और
आईएसआईएस के आतंकियों की गतिविधियों की जांच कर रही है। इधर, चानो के चटकल में मुफ्ती रहमतुल्लाह मजाहिरी की गिरफ्तारी से ग्रामीण अचंभित हैं। मुफ्ती रहमतुल्लाह कुदरतनगर में जमीयतुल मोहसिनात मदरसा में शिक्षक के रूप में कार्यरत था। आतंकी गतिविधियों में। गिरफ्तारी के बाद मदरसा समिति ने उसे बर्खास्त कर दिया है। इस मदरसे में 200 छात्राएं पढ़ती हैं।
चान्हों से गिरफ्तार रहमतुल्लाह ने भोपाल से ली थी मुफ्ती की डिग्री
चान्हों से गिरफ्तार मुफ्ती रहमतुल्लाह को प्रारंभिक शिक्षा चान्हों के टांगर से हुई थी। इसके बाद करके के मदरसे में पढ़ाई की और चतरा चला गया। उसने सहारनपुर से मौलाना की डिग्री ली थी। भोपाल से मुफ्ती की डिती हासिल की। वहां से लौटने के बाद रातू के बानापीड़ी के एक मदरसे में कुछ दिनों तक पढ़ाया। बाद में चान्हो लौट गया। चान्हों के चटवल में जमीयतुल मोहसिनात मदरसा में पढ़ाने लगा। 2019 में शुरू इस मदरसे का संचालन 17 सदस्यीय एक कमेटी करती है। यह मदरसा एकांत में जंगल क्षेत्र में बना है। इसके एक किलोमीटर की परिधि में एक भी घर नहीं है, जो
संदेह पैदा करता है।
विदेशी फंडिंग पर भी जांच कर सकता है ईडी
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने इस मामले में रांची के बरियातू स्थित लेक व्यू अस्पताल के संचालक बबलू खान को समन कर 26 अगस्त को पूछताछ के लिए बुलाया है। ईडी को जानकारी मिली है कि बबलू से डॉ इश्तियाक के करीबी संबंध थे। बबलू खान जमीन घोटाला में गिरफ्तार अफसर अली का भाई है। अफसर अली भी रिम्स में रेडियोलॉजिस्ट पद पर कार्यरत था। अभी वह जेल में है। इंडो बबलू खान से जमीन घोटाले के पैसे के निवेश के बारे में भी जानकारी लेगा। ईडी चबलू खान व डॉ. इश्तियाक के बीच के संबंध की पड़ताल करेगा। साथ ही, यह जानने की कोशिश करेगा कि लेक व्यू अस्पताल के संचालन की आड़ में विदेशी फंडिंग से आतंक की पौध तो नहीं तैयार हो रही थी।
अबतक पकड़े गए हथियार और अन्य सामान चौंकाने वाले
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने इसरखंड से पहले राजस्थान के भिवाड़ी में छापेमारी की थी। वहीं से झारखंड के छह संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया। इनमें चानरो के दो, लोहरदगा का एक और तीन अन्य जिलों के हैं। छापेमारी में इनके पास से एक एके-47 राइफल, एक 38 बोर रिवॉल्वर, 38 बोर के 6 कारतूस, 32 बोर के 30 कारतूस, एके-47 के 30 कारतूस, एक डमी इंसास, एक एयर राइफल, एक आयरन एल्बो पाइप, एक हैंड ग्रेनेड, की रिमोट कंट्रोल मैकेनिज्म, कुछ तार, एए साइज 1.5 वोल्ट की एक बैटरी, एक टेबल बाँच, एक कैपिंग टेंट और भड़काऊ वीडियो और साहित्य मिले हैं।
NEWS ANP के लिए रांची से वी सिंह की रिपोर्ट
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