DBL कोल माइन्स कंपनी को ट्रांसपोर्टरों ने चक्का जाम की दी चेतावनी…30% से 40% गाड़ियां बाहरी से आक्रोश व्याप्त …

पाकुड़ (PAKUD) पाकुड़ पचूवाड़ा कोल ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन द्वारा डीबीएल कोल कंपनी के ऊपर आरोप लगाते हुए कहा है की कोल कंपनी ने मनमानी तरीके से कोल परिवहन दर घटा दिया है जो सरासर ट्रांसपोर्टरों के साथ अन्याय है. साथ ही यह भी आरोप लगाया है कि कंपनी मनमानी तरीके से भाड़ा तो घटा ही रही है साथ ही झारखंड से बाहर के लोगों को बुलाकर ट्रांसपोर्टिंग भी दे रही है और झारखंड से बाहर के रजिस्ट्रेशन से कोल परिवहन कर रही है जिसमें हम स्थानीय ट्रांसपोर्टरों के रोजगार पर भी संकट मंडरा रह रहा है,

जब स्थानीय ट्रांसपोर्टर की गाड़ी लेकर जाते हैंतो अभी आवश्यकता नहीं है बोलकर उन्हें घुमा दिया जाता है, इस मनमानी तानाशाही रवैया पर अंकुश लगाने और बाहरी ट्रांसपोर्टर एवं झारखंड के बाहर के रजिस्ट्रेशन नंबर के गाड़ी पर रोक लगाने को लेकर संगठन के सभी ट्रांसपोर्टर पाकुड़ जिला स्थित समाहरणालय पहुंच कर एसपी से मिले. हालांकि इससे पहले भी दो बार जिला के उपयुक्त को भी इस विषय पर आवेदन दिया हुआ है. परंतु इस पर अभी भी पहल नहीं हुई है. गुरुवार को सपा से मिलने के बाद ट्रांसपोर्टरों को एसपी ने आश्वासन दिया है कि बहुत जल्द कोल माइन्स कंपनी के पदाधिकारी के साथ बैठक कर इस पर बातचीत के जरिए समाधान निकाला जाएगा.

इससे पहले भी 24 जून को उपायुक्त को इस विषय पर आवेदन दिया गया था जिसमें उपायुक्त को सूचना दी गई थी कि डीबीएल कोल कंपनी में कोयला परिवहन का कार्य करने के लिए हम लोगों को कंपनी 302 रुपया प्रति टन के दर से परिवहन का भाड़ा देती थी. परंतु अप्रैल 2024 से परिवहन करने के बाद जब हम लोग मई 2024 को अप्रैल माह का बिल जमा करने गए तो कंपनी ने कहा कि बिल ₹300 प्रति टन से बनेगा. उपायुक्त को इस बात से भी अवगत कराया गया था कि ट्रांसपोर्टरों की स्थिति अत्यंत दयनीय है.

पाकुड़ कोल मार्ग की स्थिति किसी से छिपी नहीं है पूरे महीने में मुश्किल से 50 ट्रिप हो पाती है जबकि गाड़ी पार्ट्स टायर का दाम पिछले वर्ष की अपेक्षा मैं 15 से 20% बढ़ गया है महंगाई को देखते हुए हमें प्रत्येक वर्ष भाड़ा लगभग 15 से 20% कंपनी को बढ़ाना था परंतु कंपनी बिना ट्रांसपोर्टरों को पूर्व में सूचना दिए तानाशाही रवैया से भाड़ा को घटा दिया. डीजल का मार्केट दर 93.88 रुपए है मगर कंपनी जबरन 96 रुपए प्रति लीटर के दर से पैसा काटने को कह रही है.इस तानाशाही रवैया से हम सभी ट्रांसपोर्टर बहुत ही आहत है क्योंकि कंपनी पुण: परिवहन कर बोल सकती है कि इस महीने का बिल में ₹10 प्रति टन घटा दिया गया है जबकि दूसरी कोल कंपनी बीजीआर भी है जो ट्रांसपोर्टरों को 311 रुपए 50 पैसा प्रतिदिन के दर से भाड़ा देती है.

NEWS ANP के लिए पाकुड़ से जयदेव की रिपोर्ट..