बलियापुर में नल जल योजना हुई फेल,चापाकल के भरोसे हजारों की आबादी…

बलियापुर(DHANBAD) नल-जल योजना के माध्यम से, अनेकों गांव के लोगों की पानी की समस्या दूर हो रही है। इस योजना के आने से, अब लोगों को गंदे पानी से छुटकारा मिल रहा है। लेकिन, कुछ गांव, आज भी ऐसे हैं, जहाँ पानी की समस्या लगातार बनी हुई है। पीने के पानी के लिए, घंटो लाइन लगानी पड़ती है, तो वहीं कहीं-कहीं पर, पानी की गहराई इतनी ज्यादा होती है कि, कुंए और हैंडपंपों से निकलने वाले पानी भी सूख जाते हैं।

ऐसा ही एक गांव है, धनबाद जिले के सिंदरी विधानसभा क्षेत्र के परसबनीया पंचायत अंतर्गत बालीचिरका गांव जहाँ के आदिवासी समुदाय के लोगों को, एक मात्र हैंडपंप से पानी का उपयोग करना पड़ रहा है। कुंए और तालाब भी सुख गए हैं। एक मात्र हैंडपंप से ही खाना बनाने, नहाने और पीने के लिए पानी उपयोग कर रहे हैं। वैसे तो धनबाद जिले में, सरकार द्वारा नल-जल योजना के माध्यम से, गांव के हर घर को नल कनेक्शन देने का लक्ष्य रखा गया है। जिससे, शहरों सहित गाँवो में भी पानी की समस्या ना हो और वे सभी नदी-नालों जैसे गंदे पानी के उपयोग से बचें, जिनका वे पीने के लिए उपयोग करते हैं। वहीं गांव के आदिवासी ग्रामीणों ने बताया कि गांव में कार्यक्रमों के दौरान सबसे ज्यादा पानी की समस्या होती है।

इस गांव में, किसी के घर शादी, छट्टी, दशगात्र आदि जैसे कार्यक्रम होतें हैं, तो इस दौरान बहुत ज्यादा पानी की समस्या होती है। ऐसे कार्यक्रमों में, अधिक संख्या में मेहमान आते हैं। जिससे, उनके पीने के लिए, पानी की व्यवस्था करना अतिआवश्यक हो जाता है, साथ ही अधिकतर ‘शादियाँ’ गर्मी के समय में होती हैं। और गर्मी में, पानी का जलस्तर नीचे की ओर चला जाता है। जिससे, पानी बहुत कम ही निकल पाता है। ऐसे कार्यक्रमों के लिए, ‘पानी टंकी’ बाहर से मंगाते हैं। ताकि, लोगो को पानी की समस्या न हो।

बलियापुर क्षेत्र के गांवों में, शासकीय योजनाओं को पहुंचाने का कार्य किया तो जा रहा है। लेकिन, इसके बावजूद भी कुछ ऐसे गांव हैं, जहाँ मूलभूत सुविधाओं से लोग वंचित हैं। ऐसे गाँवो पर, सिंदरी विधायक को विशेष ध्यान देना चाहिए।

NEWS ANP के लिए बलियापुर से सिंधु कुमार की रिपोर्ट…