देखिए सरकार ! सूख गई तोपचांची झील…सांसद और विधायक ने अब तक नहीं ली सुधी…

धनबाद (DHANBAD) धनबाद मुख्यालय से 30 किमी दूर झरिया वाटर वर्क्स के नाम से तोपचांची झील का उदघाटन ब्रिटिश काल में 15 नवंबर 1924 को बिहार और ओडिशा के गवर्नर सर हेनरी व्हीलर ने इसलिए किया था कि झरिया वासियों को यहां से सीधे पाइपलाइन के माध्यम से पानी मिल सके। कई वर्षों तक झरिया वासियों को पानी मिला, लेकिन आजादी के बाद माडा, फिर झमाडा को रखरखाव और सौंदर्यीकरण का जिम्मा मिला।

यहां के अधिकारियों की लापरवाही के कारण जीर्णोद्धार तो दूर तोपचांची झील 100 साल बाद अपना अस्तित्व ही खोता जा रहा है। अभी गर्मी के मौसम में 80 से 90 फीसदी पानी सूख गया है। तोपचांची झील को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करना था। सरकार से करोड़ों का बजट भी पास किया गया।

अधिकारियों और ठेकेदारों ने राशि की बंदरबांट कर झील को नर्क बना दिया है। जीटी रोड से तोपचांची झील तक जाने की सड़क की हालत इतनी जर्जर है कि बाइक और कार से जाने वाले लोग हिचकोले खाते हुए जाते हैं। ऐसा लगता है कि आजादी के बाद यहां की सड़क बनीं ही नहीं है। हालांकि तोपचांची झील और पहाड़ियों के सौंदर्य को देखने के लिए हर साल है। झरिया में वर्षों पहले रोक दी गई। वहां दामोदर और अन्य जगहों से जलापूर्ति हो रही है।

NEWS ANP के लिए धनबाद से कुवर अभिषेक सिंह की रिपोर्ट …