आज के समाज में मित्र का दुश्मन मित्र ही बन गया है: देवकीनंदन ठाकुर जी महाराज।

धनबाद(DHANBAD)नीरस।श्रीमद्भागवत कथा के पंचम दिवस की शुरुआत विश्व शांति के लिए प्रार्थना के साथ की गई जिसके बाद देवकीनन्दन ठाकुर जी महाराज ने कथा पंडाल में बैठे सभी भक्तों को ” भजन कर मस्त जवानी में बुढ़ापा किसने देखा है” भजन श्रवण कराया।

मनुष्य को हमेशा सत्संग को सुनना चाहिए, सत्संग को सुनने से मनुष्य का कल्याण होता है। भगवान का नाम रोज लेने से मनुष्य का कल्याण हो जाता हैं। जो भी मनुष्य सच्चे मन से भगवान का जाप और नाम नहीं लेता है उस मनुष्य का कभी भी कल्याण एवं उद्धार कभी भी नहीं हो सकता है। हर मनुष्य को भगवान कृष्णा की पूजा करनी चाहिए।

आज समाज में मित्र का दुश्मन मित्र ही बन गया है। आज मनुष्य अपने स्वार्थ के लिए अपने मित्र की ही हत्या कर देता है। रामायण में भी कहा गया है कि जो लोग अपने मित्र का दुःख देखकर दुखी नहीं होते है ऐसे लोग को देखने से पाप लगता है। मित्र का धर्म होता है कि अगर उसका मित्र संकट में है तो वह अपने मित्र की रक्षा करें। भगवान श्री कृष्णा अपने भक्तों की रक्षा हमेशा करते है। मनुष्य को अपने हर कार्य को समय पर करना चाहिए, काम से फुर्सत मिलने पर मनुष्य को भगवान की भक्ति करनी चाहिए जिससे उसका कल्याण हो सकें ।

NEWS ANP के लिए निरसा से संतोष की रिपोर्ट…