धनबाद(DHANBAD): धनबाद जिला के विभिन्न इलाकों में संचालित निजी नर्सिंग होमों में काफी गड़बड़ झाला होने की खबर है। एकाध डॉक्टर दो चार घंटों के लिए बैठाकर मरीजों का भरपूर दोहन और शोषण चल रहा है।
इसमें सीएस कार्यालय तक की संलिप्तता से इंकार नहीं किया जा सकता। सभी रोगों के परीक्षण के बहाने ब्लड,यूरिन,स्टूल, कफ का सेम्पल लेकर मनमानी पैसों की वसूली की जाती है। इनके पास छोटे मोटे लैब होते हैं लेकिन ये सारी जांच होने के दावे करते हैं।
इनके पास कोई प्रमाणपत्रधारी योग्य न तो टेक्नीशियन, न पैथोलोजिस्ट और न रेडियोलॉजिस्ट होते हैं। लेकिन ये अल्ट्रासाउंड, ट्रांस वेजाइनल अल्ट्रासाउंड, एक्सरे,एलएफटी, केएफटी, पेटसिटी,लिपिड प्रोफ़ाइल जैसे गंभीर टेस्ट की रिपोर्ट जैसे तैसे दे देते हैं।अल्ट्रासाउंड की रिपोर्ट में किसी विशेषज्ञ डॉक्टर या टेक्नीशियन का हस्ताक्षर तक नहीं रहता।
साधारण कंप्यूटर चलाने वाले अल्ट्रासाउंड करते और मुफ्त का हजार बारह-सौ रुपये ले लेते। शुगर,बीपी या सलाईन चढ़ाना तो इनके लिए जादुई खेल हैं।
कतरास,राजगंज, तोपचांची, गोविंदपुर, निरसा,बलियापुर, सिंदरी,बाघमारा सहित तमाम क्षेत्रों में ये खेल खूब चल रहा है। राजगंज में निरोग करने के नाम पर एक आरोग्य केंद्र है जहां दो नोसिखुए झोलाछाप डॉक्टर शोक के बूते खूब नोट छाप रहा है।मेडिकल की कोई जानकारी नहीं,लेकिन ये असाध्य रोगों के इलाज के महारथी हैं।
अस्पताल में न तो अग्निशमन की व्यवस्था है और न वेस्ट के निस्तारण का। इन्हें आयुष्मान कार्ड से इलाज का दर्जा भी प्राप्त है। खूब वन टू का फोर, फोर टू का वन हो रहा है। दलालों के माध्यम से प्रचार कर मरीजों को बरगलाया जाता है और मिलकर पैसों की लूट दोनों हाथों से की जाती है। यहाँ तक कुछ तो ऐसे संचालक है जिन्हे कही न कही राजनीति संरक्षण भी प्राप्त है ।
NEWS ANP के लिए कुंवर अभिषेक सिंह की रिपोर्ट..

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