आसनसोल(ASANSOL): पश्चिम बंगाल आसनसोल सतपुखरिया मौजा के बेलडांगा व उसके आस-पास इलाके के करीब 34 बीघा जमीन पर अधिग्रहण कर चिड़िया खाना व पार्क बनाने की तैयारी कर रही है,

जिसके लिये करीब 18 जमीन मालिकों को नोटिस भी भेजा जा चूका है, जिसमे, दुगई माझी पिता का नाम होपना, गौर चंद्र दास पिता का नाम बैद्यनाथ, हंस राज दास पिता का नाम नबो गोपाल, पुष्पा राज दास पिता का नाम नबो गोपाल, समीर दास पिता का नाम अशोक, बिमान दास पिता का नाम निरोध बरण, गणेश दास पिता का नाम निरोध बरण, हिमांशु दास पिता का नाम निरोध बरण, सुकू हेमब्रम पिता का नाम सोम हेमब्रम, लोखु हेमब्रम पिता का नाम मतला, मंगल माझी पिता का नाम बेदोन, कालू मुर्मू पिता का नाम दुखु, काल टुडू पिता का नाम सलकु, छोटो लखिराम मुर्मू पिता का नाम भीम, बलिराम टुडू पिता का नाम बाई टुडू, सुकू हांसदा पिता का नाम नंदा, मांगली किशकू पिता का नाम लबसन, सूरज मनी हेमब्रम पति मोतीलाल शामिल हैं,

जिनको पश्चिम बंगाल भूमि सुधार अधिनियम 1955 के तहत पश्चिम बर्धमान सबडिवीजनल ऑफिसर के द्वारा पत्र भेजे गए जिस पत्र मे उनके करीब 34 बीघा जमीन पर पार्क व चिड़िया खाना बनाने के उदेश्य से जमीन अदिग्रहण करने की बात कही गई है,
ऐसे मे उनको मंगलवार को इलाके मे एक जगह इकठ्ठा होने को कहा गया था और सभी को उपस्थित होकर हस्ताक्षर करने की बात भी कही गई थी, इलाके के लोगों की अगर माने तो उनका कहना था की अगर वह अनुपस्थित होते हैं तो उक्त जमीन पर सरकार अपने स्तर से कार्रवाई करने पर मजबूर हो जाएगी,
यहाँ तक की इलाके के लोगों का यह भी कहना था की अधिकारी यह भी कह रहे हैं की उनको खबर है की इस जमीन पर कोई खेती नही होती हर तरफ जंगल है और जमीन बंजर हालात मे पड़ी हुई है, इस लिये सरकार ने उक्त जमीन पर पार्क व चिड़िया खाना बनाने की योजना तैयार की है,
अधिकारीयों के इस बात व सरकार के इस फैसले के खिलाफ इलाके के सैकड़ों आदिवासी समाज अपने पारम्परिक हथियारों के साथ अपने -अपने खेतों मे उतर गए और जान देंगे जमीन नही देंगे का नारा बुलंद करते हुए जम कर प्रदर्शन शुरू कर दिया,
उन्होंने यह चेतावनी भी दी के वह अपना आंदोलन तब तक जारी रखेंगे जबतक सरकार अपनी इस योजना को बदलकर उनका जमीन छोड़ कहीं और पार्क और चिड़िया खाना बनाने का फैसला नही कर लेती उनका यह भी कहना था की एक समय यह जमीन टिला नुमा था उनके पूर्वजों ने उक्त जमीन को काटकर समतल और उपजाऊ योग्य बनाया जिसके बाद उनके बाप -दादा ने इस जमीन पर खेती की यह खेती ही उनके आय का जरिया है उनके पास कोई नौकरी नही है, ऐसे मे सरकार उनसे यह जमीन अगर ले लेती है तो वह कहाँ जायेंगे क्या करेंगे क्या खाएंगे इलाके के लोगों ने इलाके से जुड़े कई सवालों को अधिकारीयों के सामने रखा फिलहाल अधिकारीयों ने कोई जवाब तो नही दिया उनसे हस्ताक्षर करवाकर चले गए
NEWS ANP के लिए आसनसोल से अमरदेव की रिपोर्ट..

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