धनबाद(DHANBAD) जामताड़ा और धनबाद को जोड़ने वाली बरबेंदिया पुल निर्माण कार्य की आधारशिला 9 मार्च को सूबे के मुख्यमंत्री चंपई सोरेन रखेंगे..
बराकर नदी पर पुल बनने से धनबाद और जामताड़ा जिला सीधे जुड़ जाएंगे और 25 किलोमीटर की दूरी घट जाएगी. बारिश की वजह से धनबाद के निरसा से जामताड़ा व संताल परगना को जोड़ने के लिए करोड़ों की लागत से बनाया जानेवाला बरबेंदिया पुल एक दशक पहले ध्वस्त हो गया था।
बाढ़ में पुल के चार खंभे बह गए थे। तब से अभी तक यह उसी हाल में पड़ा हुआ है। दरअसल, धनबाद से जामताड़ा को जोड़ने के लिए वर्ष 2007- 08 में बराकर नदी के बरबेंदिया घाट पर 32 करोड़ की लागत राज्य का सबसे बड़ा एक किलोमीटर लंबा पुल का निर्माण आरंभ किया गया था।
56 पिलर पर पुल को खड़ा किया जाना था। लगभग सभी पिलर नदी के ऊपर खड़ा कर दिया गया था। केवल दो-चार पिलरों के ऊपर ढलाई का कार्य बाकी था। उस दौरान 22 करोड़ रुपए खर्च भी हो गए थे। लेकिन वर्ष 2009 में बारिश के कारण बराकर नदी में आई बाढ़ में पुल के चार खंभे बह गए। तब से अब तक एक 14 साल हो गए और यह पुल उसी तरह अधूरा पड़ा हुआ है।
इन सालों में कई बार विभागीय स्तर पर पुल का निरीक्षण हुआ। अधूरे पुल को पूरा करने के लिए 14 करोड़ की डीपीआर भी बनी, लेकिन बात कागजों में ही सिमट कर रह गई। धनबाद से जामताड़ा और संताल परगना को जोड़ने वाले इस महत्वपूर्ण पुल को पूरा करने में दिलचस्पी नहीं दिखाई गई।धनबाद और जामताड़ा दो जिला को जोड़ने के वाले वीरगांव बरबेंदिया घाट पर पुल नहीं रहने से लोगों को आवागमन करने में काफी परेशानी उठानी पड़ती है नाव का सहारा लेना पड़ता है।जान जोखिम में डालकर आना-जाना करना पड़ता है. जिससे कई बार लोगों की जान भी चली जाती है। बरसों से पुल अधूरा पड़ा हुआ है कई बार लोगों ने सरकार का ध्यान आकृष्ट कराया, आंदोलन भी किया, 14 लोगों की जान भी चली गई तब जाकर सरकार की नींद टूटी सरकार ने पुल निर्माण कार्य के लिए स्वीकृति प्रदान की।
14 साल बाद एक बार फिर वर्षों पुरानी मांग पूरी होने से लोगों में काफी उत्साह है. धनबाद और जामताड़ा दो जिला को जोड़ने वाली बराकर नदी के वीरगांव और बरबेंदिया घाट पर वर्षों पुरानी लोगों की मांग पुल निर्माण कार्य का सपना अब जल्द ही पूरा होने वाला है 09 मार्च को सूबे के मुख्यमंत्री चंपई सोरेन पुल निर्माण कार्य की आधारशिला रखेंगे और निर्माण कार्य का शुभारंभ करेंगे ।
अब इस पुल निर्माण को लेकर राजनीतिक दलों में श्रेय लेने की होड़ मची हुई है एक तरफ जामताड़ा के कांग्रेस विधायक डॉ०इरफान अंसारी अपनी सरकार की दुहाई देते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने संथाल और कोयलांचल को जोड़ने का पहल की है जो की झारखंड सरकार का यह स्वागत योग पहल है।
वही निरसा से भाजपा विधायक अपर्णा सेनगुप्ता ने कहा कि लगातार बारबेदिया पुल के लिए लागतार सदन में आवाज उठाती रही है और मुख्यमंत्री से लगातार अनुरोध करने के फल स्वरुप धनबाद और जामताड़ा को जोड़ने वाला पुल की स्वीकृति प्रदान की गई है।
वहीं डॉ० इरफान अंसारी का कहना है कि पुल का आधारशिला जामताड़ा में रखी जाएगी और निरासा विधायक का कहना है कि बराकर नदी का ज्यादा हिस्सा धनबाद जिले के अंतर्गत निरासा विधानसभा में आता है जिसके कारण निरासा में आधारशिला रखी जाएगी अगर जामताड़ा विधायक नहीं मानते हैं तो हम निरसा में भी गाजे बजे के साथ इसकी आधारशिला रखूंगी और क्षेत्रवासियों को सौगात दूंगी। वही विधायक अर्पणा के दावे को इरफान अंसारी ने एक और जहां सीधे से खारिज कर दिया है वही उसका श्रेय पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और स्वयं को दिया है उन्होंने इस दौरान कई ऐसे बयान दिया है जिससे स्वच्छ राजनीतिक परंपरा आहत हुआ है
NEWS ANP के लिए जामताड़ा से आरपी सिंह के साथ निरसा से संतोष साव की रिपोर्ट…

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