पाकुड़(PAKUD): मुखिया का वित्तीय शक्ति को तत्काल प्रभाव से रोक लगाने से पाकुड़ के विभिन्न पंचायतों के मुखियाओं में काफी रोष दिखाई दे रहा है।इसको लेकर दर्जनों मुखिया समाहरणालय पहुंच डीसी मृत्युंजय कुमार बरनवाल को एक आवेदन सौपा है जिसमें दर्जन मुखियाओ ने मनीरामपुर के मुखिया मजीबूर रहमान के समर्थन में डीसी से मिलकर अबूआ आवास को लेकर हर दिन हो रही परेशानी को उपायुक्त को अवगत करवाया।
मुखिया जंतु सोरेन व शहरकोल के मुखिया विकास गोंड ने उपायुक्त से वार्ता कर कहा कि आपकी योजना आपकी सरकार आपके द्वार कार्यक्रम के दौरान हजारों लाखों का अवुआ आवास का आवेदन प्राप्त हुआ है।
जिसको छांटते हुए सिर्फ 40 आवाज ही पूरे पंचायत में मुहैया कराया जा रहा है। मुखियाओं ने कहा कि झारखण्ड राज्य के अन्तर्गत अबुआ आवास निर्माण के लिये लाभुकों का चयन प्रक्रिया में सिर्फ जिला प्रशासन के आदेश पर जिला पदाधिकारी के द्वारा गठन टीम के द्वारा किया जा रहा है और किया गया है।
मुखिया का सिर्फ जिला द्वारा गठित टीम ने सहयोग लिया है और ले रहा है। अबुआ आवास का चयन प्रक्रिया में मुखिया का कोई भूमिका नहीं है। आवास का जीओ टैग में भी मुखिया का कोई कार्य नहीं है। प्रखण्ड स्तर के टीम के द्वारा जीओ टैग किया जा रहा है और पासवर्ड भी उन्हीं के पास है। इस आधार पर अबुआ आवास का चयन में और स्वीकृति में कहीं भी मुखिया का भूमिका नहीं है।
मनिरामपुर पंचायत का मुखिया का वित्तीय शक्ति तत्काल प्रभाव से रोक लगाया गया है, जो हम जिला के मुखियागण के साथ अन्याय है।आवास के चयन में मुखिया का कोई रोल नहीं है फिर भी मुखिया ही हर मामले में पिसता आ रहा है। इन सभी बातों को सुनकर डीसी ने बताया कि पहले फेस में सबसे पहले जो जरूरतमंद है उसका लिस्ट हर पंचायत भवन में चिपकाए गया है को आवास पहुंचना हमारा लक्ष्य है। लिस्ट के अनुसार सीरियल वाइज जिन लोगों का नाम है उन लोगों को आवास दिलाया जाएगा।
NEWS ANP के लिए पाकुड़ से जयदेव की रिपोर्ट..

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