दिल्ली(DELHI): विधानसभा के शीत सत्र के पहले ही दिन शुक्रवार को स्पीकर रवींद्रनाथ महतो ने राज्यपाल द्वारा 1932 के खतियान आधारित स्थानीय नीति विधायक लौटने की जानकारी सदन को दी। शोक संदेश के बाद सत्र स्थगित हो गया।
इससे पहले कांग्रेस के राज्यसभा सांसद धीरज साहू से संबंधित कंपनी के ठिकानों पर आईटी रेड में करोड़ों रुपए नगद मिलने के मामले में भाजपा विधायकों की सदन के बाहर प्रदर्शन किया। विधायकों का कहना था कि धीरज साहू के यहां से मिले करोड़ों रुपए किसके हैं, भाजपा विधायकों ने धीरज साहू के साथ ही राज्य में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए सीबीआई जांच की मांग की विधायकों ने कहा कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी को या बताना चाहिए कि धीरज साहू के पास इतना पैसा कहां से आया।
प्रदर्शन में वीरंची नारायण, जयप्रकाश भाई पटेल, अनंत ओझा, मीरा यादव राज सिन्हा, समीर लाल ,ढुल्लू महतो वह अन्य शामिल थे।
वही मंत्री मिथिलेश ठाकुर ने कहा कि इनकम टैक्स विभाग ने अब तक कुछ भी स्पष्ट नहीं कहा है, जबकि भाजपा धीरज साहू की गिरफ्तारी की मांग कर रहा
सारा पैसा मेरा नहीं मेरे परिवार और फर्मों का है इसका हिसाब आयकर विभाग को दूंगा”-धीरज साहू
उड़ीसा के कई ठिकानों से जप्त करीब 354 करोड़ रुपए कैश मिलने में पहली बार कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य और शराब कारोबारी धीरज प्रसाद साहू का बयान सामने आया दिल्ली में मीडिया से कहा कि इस पेज से कांग्रेस का कोई लेना देना नहीं है यह पैसा ना तो कांग्रेस का है, और ना ही अन्य पार्टी का।
जैसा कि बताया जा रहा है कि उन्होंने दावा किया कि पूरे पैसे का हिसाब आयकर विभाग को देंगे इतनी बड़ी मात्रा में मिले कैश पर उन्होंने कहा कि हमारे परिवार का 100 साल से शराब का कारोबार है जो पूरी तरह काश में चलता है बरामद पैसा शराब बिक्री का है इसे महुआ खरीदने और अन्य काम के लिए रखा गया था साहू ने कहा “सारा पैसा मेरा नहीं है बल्कि मेरे परिवार और फर्मों का है।अभी इनकम टैक्स की तरफ से ऐसा नहीं कहा गया है कि यह पैसा गैर कानूनी है इस संबंध में जब भी मुझे पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा मैं हाजिर होकर पूरा जवाब दूंगा”।
News ANP के लिए दिल्ली से ब्यूरो रिपोर्ट..
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