कला किसी की मोहताज नही होती लगन हो तो अपने आप निखरती हैं:निकिता साव…

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धनबाद(DHANBAD) निरसा।एक द्वि-आयामी दृश्य भाषा में चित्र बनाना जो विचारों और भावनाओं को व्यक्त करता है और कुछ सौंदर्य गुणों का निर्माण करता है। उसे चित्रकला कहते हैं जो अपनी भावनाओं को एक कागज के टुकड़े पर अपनी कल्पनाओ की रंग विखेर देती हैं

उसे चित्रकला कहते हैं कुछ ऐसा ही कर दिखया कोयलाआंचल निरसा,पंडरा की रहने वाली बेटी निकिता कुमारी साव ने जो की आर्ट के जरिए अपने जीवन के उस आयाम को छू लेना चाहती हैं जिसकी ओ कल्पना करती हैं। अब तक कई स्केर्च आर्ट बना चुकी हैं जिसमें कई कामयाबी भी मिल चुकी हैं देश के अन्य राज्यों में भी अपनी कला की प्रस्तुती कर चुकी हैं जिसके लिए उन्हें कई पुरस्कारों से भी नवाजा जा चुका हैं।

एक खास बात चीत में बताया कि कला की प्रेरणा अपने भैया राहुल से सीखी हैं, घर वालो की बंदिशों की कारण अपनी कल्पना की उड़ना अब तक नही भर पाई हैं, निकिता ने स्केर्च आर्ट,ड्रॉइंग आर्ट कई तरह की आर्ट बना चुकी हैं जिन्होंने निरसा प्रखण्ड विकास पदाधिकसरी इन्द्र लाल ओहदार का स्केर्च के जरिए खूबसूरत पेंटिंग बनाई हैं और बिडियो को सुपुर्द की हैं, इस आर्ट को बिडियो ने खूब सराहा हैं और बिडियो ने निकिता की खूब प्रशंसा किए हैं,

अगर भविष्य में निकिता जैसी बेटियों को थोड़ी सहयोग मिले तो निश्चित रूप में हमारे देश की कई बेटियां देश ही विदेशों में भी अपनी परचम लहराएगी।कहते हैं कि कला किसी की मोहताज नही होती लगन हो तो अपने आप निखरती हैं।

NEWS ANP के लिए निरसा से संतोष की रिपोर्ट….