कोठारी बंधुओं के अलावा राम के नाम पर पश्चिम बंगाल के अभय बर्णवाल ने भी खाई थी गोली…

आसनसोल(ASANSOL): 22 जनवरी 2024 इतिहास के पन्नों मे दर्ज होने जा रहा है, वह इस लिये की 22 जनवरी को ही अयोध्य श्री राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा होने वाली है, जिसके बाद श्री राम जन्मभूमि पर बना श्री राम का मंदिर का दरवाजा हर किसी के लिये खोल दिया जाएगा,

इस मंदिर मे आने वाले हर भक्त श्री राम का दर्शन कर पाएंगे ऐसे मे मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा पर राम मंदिर के आंदोलन से जुड़े उन हर आंदोलन कारीयों को निमंत्रण पत्र भेजा गया है,

जिसमे पश्चिम बंगाल कोलकाता बड़ा बाजार के रहने वाले राम मंदिर आंदोलन मे गोली खाने वाले दो सगे भाई 20 वर्षीय स्वर्गीय सरद कोठारी और 22 वर्षीय स्वर्गीय राजकुमार कोठारी के परिवार सहित आसनसोल के रहने वाले अभय बर्णवाल को भी निमंत्रण भेजा गया है,

जिस निमंत्रण को पाकर आसनसोल के रहने वाले अभय बर्णवाल ने कहा की वह इस निमंत्रण पत्र को पाकर बहोत खुश हैं, इतने खुश की वह उस ख़ुशी की कोई कल्पना तक नही कर सकते, इस ख़ुशी के पल मे उनके पास कुछ कहने के लिये शब्द नही हैं, यह कहकर वह फुले नही समा रहे हैं की उनको खुद श्री राम ने निमंत्रण भेजा है,

वह अपने सगे सम्बंधियों के साथ साथ पुरे आसनसोल के लोगों को यह कहते फिर रहे हैं को उनको भगवान श्री राम ने निमंत्रण भेजा है, उनकी मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा है, त्रेता युग मे वह 14 वर्षों के लिये बनवास गए थे आज भगवान श्री राम 500 वर्ष बनवास के बाद वह वापस अयोध्या आ रहे हैं,

अभय किसी की कुछ नही सुन रहे हैं और वह अयोध्या जाने की तैयारी मे जुट गए हैं, अभय की पत्नी की अगर माने तो वह सुबह घर से निकलते हैं और रात को वापस घर आते हैं और हर किसी को राम आंदोलन की कथा सुनाते हैं,

उन्होने कहा की वह गर्ववांतित महसूस करती हैं खुदको की उनके पति ने राम आंदोलन मे पुलिस की गोली खाई थी, अभय की अगर माने तो 21अक्टूबर को सभी कार सेवकों को अयोध्या पहुँचने को कहा गया था,

आसनसोल से 85 कार सेवक अयोध्या के लिये निकले थे, जैसे ही वह बनारस पहुँचे पूरा बनारस पुलिस छावनी मे तब्दील था स्टेशन से बाहर निकलते ही लोगों को गिरफ्तार कर लिया जा रहा था,

उनके 84 साथी गिरफ्तार हो गए वह पुलिस से बचाकर खेतोँ और जंगलों से होते हुए करीब साढ़े तीस सौ किलोमीटर की दुरी तय कर वह 36 घंटा बाद अयोध्या के विवादित स्थल तक पहुँचे थे जहाँ 30 अक्टूबर 1990 को कार सेवकों की हजारों हजार की संख्या मे वह वुवादित स्थल की तरफ बढ़ने लगे और विवादित गुमबद पर चढ़कर अन्य कार सेवकों के साथ उन्होंने भी भगवा लहरा दिया था,

जिसके बाद गोलियां चलने लगी जिसमे कई लोगों को गोली लगी उनको भी पैर मे गोली लगी और वह जमीन पर गिर गए जिसके बाद अन्य कार सेवकों ने उन्हे फ़ैजाबाफ अस्पताल पहुँचाया जहाँ उनका इलाज शुरू हुआ उन्होने चिकित्सक से कहा वह श्री राम के लिये आए थे अगर वह ठीक हो गए तब तो कोई बात नही अगर ठीक नही हुए तो वह श्री राम के पास चले जायेंगे, अभय को चिकित्सक ने जवाब दिया और कहा आपको श्री राम ही बचाएंगे और फिर इलाज शुरू हुआ उन्हे बेहोस कर दिया गया जब होस आया तो उनके सामने उनके पिता खड़े थे जिन्होने मुझे शाबासी दी जिससे मेरा सीना और भी चौड़ा हो गया,

अभय ने कहा वह खुदको गर्ववांतित महसूस करते हैं की वह भी राम आंदोलन का एक हिस्सा रहे, श्री राम के नाम पर अन्य कार सेवकों के साथ उन्होने भी गोलियां खाई, उन्होने कहा अयोध्या श्री राम मंदिर मे प्राण प्रतिष्ठा के दौरान उनकी उपस्थित एक इतिहासिक छन होगा जिस छन को वह अपने जीवन मे कभी नही भूल पाएंगे,

वहीं कोठारी बंधुओं की बहन पूर्णिमा कोठारी ने कहा की वह श्री राम की मंदिर बनने से काफी खुश हैं, खुश हैं की इस भव्य मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा के दिन उनको भी निमंत्रण दिया गया है, पर उनकी यह ख़ुशी दोगुनी तब होती जब उनको दोनों भाई शरद और राजकुमार भी इस प्राण प्रतिष्ठा मे उनके साथ उपस्थित होते, उन्होने अपनी ख़ुशी जाहिर करते हुए यह कहा की उनके भाई इस प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम मे उपस्थित नही होने के बावजूद भी वह इस इतिहासिक पल के हिस्सा होंगे श्री राम मंदिर आंदोलन की कहानी बनकर जिनकी श्री राम के नाम पर दी गई बलिदानी की कथाएँ अयोध्या मे सुनाई जाएंगी..

NEWS ANP के लिए आसनसोल से अमरदेव की रिपोर्ट..


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