धनबाद(DHANBAD)एक तरफ झारखंड प्रदेश में विधानसभा उप चुनाव ,पंचायत चुनाव और लोक सभा चुनाव अप ने तय समय पर हुए लेकिन दूसरी ओर कोरोना महामारी का बहाना बनाकर जिस नगर निकाय चुनाव को पिछले चार साल पहले लंबित रखा गया उसके भी 50 माह से अधिक हो गए…इस मुद्दे को लेकर झारखंड की किसी दल और विधायक ने आवाज़ नहीं उठाया…जबकि हाईकोर्ट ने इस मुद्दे पर कड़ी आपत्ति जाहिर कर चुकीं है..इसे लोकतंत्र का हत्या करार दिया है..
ये कहना धनबाद के पूर्व मेयर शेखर अग्रवाल का …धनबाद रांची ,देवघर समेत झारखंड के 35 नगर निकाय चुनाव वर्षो से लंबित रहने के बाद अभी तक राज्य सरकार गंभीर नहीं है…नगर निकाय चुनाव नहीं कराने से नाराज धनबाद नगर निगम के पूर्व मेयर शेखर अग्रवाल के नेतृत्व में वार्ड पार्षदों ने हीरापुर अग्रसेन भवन में एक आवश्यक बैठक की और राज्यव्यापी आंदोलन की रणनीति बनाई…सभी वार्ड पार्षदों ने अपने अपने सुझाव दिए…कहा कि राज्य सरकार के कान पर जूं तक नहीं रेंग रहीं है..
पूर्व मेयर ने कहा कि हम लोग दबाव बनाकर कोशिश करेंगे कि विधानसभा चुनाव से पहले झारखंड में नगर निकाय चुनाव होनी चाहिए,..
पार्षदो ने कहा हम सभी लोग कमर कसेंगे और सरकार को हिलाने का प्रयास पूरा करेंगे,
पूर्व मेयर शेखर अग्रवाल ने कहा कि हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह झारखंड आए थे तो पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने मुद्दे को उठाया था…
हाल ही में रांची हाईकोर्ट ने सरकार के खिलाफ तल्ख टिपण्णी की थी..पूर्व मेयर ने धनबाद का उदाहरण देते हुए सवाल उठाया कि जिस धनबाद नगर निगम के कार्य को मेयर और 55 वार्ड पार्षद मिलकर करते थे अब ये जिम्मेवारी नगर आयुक्त के भरोसे है…वही केंद्र प्रायोजित योजनाओं और फंड का सही इस्तेमाल नहीं हो रहा है.. करोड़ों की पेयजल योजना लंबित पड़ी हुई है..इस मुद्दे को लेकर सभी लोग आंदोलन की तैयारी कर रहें है…
NEWS ANP के लिए सोनू के साथ कुंवर अभिषेक सिंह की रिपोर्ट…
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