झारखंड में 81 में 22 सीटों पर चुनाव लड़कर जीत हासिल करेगी आजसू – संजय रंजन सिंह

धनबाद ( DHANBAD) लोकसभा चुनाव के बाद अब विधानसभा चुनाव होंगे। चुनाव आयोग के साथ-साथ सभी पार्टियां विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुट गई है। झारखंड में 81 सीटों पर चुनाव होंगे। जिसमें अन्य पार्टियों की तरह झारखंड में एनडीए की गठबंधन में शामिल बड़ी पार्टी आजसू भी अपना भाग्य आजमाएगी। झारखंड में 81 सीटों में लगभग 22 से 25 सीटों के लिए दावा करेगी और चुनाव लड़ सकती है। आइए हम बात करते हैं, जो धनबाद में वर्ष 2009 में डीएसपी रह चुके और डीआईजी के पद रिटायर हुए संजय रंजन सिंह से, जो वर्तमान में आजसू के केंद्रीय महासचिव भी हैं और आनेवाले समय में उनकी पार्टी से कई दिग्गज नेता धनबाद समेत कई जिलों से चुनाव लड़ेंगे।

NEWS ANP के संपादक कुंवर अभिषेक सिंह से खास बातचीत के दौरान संजय रंजन सिंह ने कहा कि चुनाव को लेकर पूरा ध्यान नवजागरण पर हैं। जो भी कार्यकर्ता हैं वे पूरी तैयारी करें और संभावित जीत वाली सीटों के क्षेत्र में जान फूंके। अपनी हिस्सेदारी तय करें। रामगढ़, गोमिया और सिल्ली मौजूदा विधायक चुनाव जीते हैं. वहींझारखंड के कई सीटों पर आजसू दि्वतीय और तृतीय स्थान पर थी। करीब 12 सीटों पर आजसू रनर था। पिछले बार 2019 में एनडीए में आजसू एकसाथ विधानसभा चुनाव लड़ता तो करीब 15 सीटों का फायदा होता। लेकिन रघुवर दास के कारण यह गठबंधन नहीं हो पाया, नतीजा एनडीए झारखंड की सत्ता से बाहर हो गई। इस बार भाजपा वो गलती नहीं दोहराएगी। सबको मालूम है कि आजसू भाजपा की मजबूत सहयोगी पार्टी है। इस बार उन सीटों पर आजसू चुनाव जरूर लड़ेगी, जहां मारक क्षमता अधिक है. वहां से विजयी होंगे। झारखंड में 25 विधानसभा सीटें ऐसी है, जहां से पिछली बार अच्छी प्रदर्शित हुई थी. जैसे चुनाव नजदीक आएगा, झारखंड का परिदृश्य साफ होगा। कार्यकर्ता पूरे राज्य में तैयारी शुरू कर दिए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि राजनीति में गठबंधन का अपमा धर्म होता है। आजसू पार्टी की सोच अलग है, और अपने सम्मान व उसूलों से समझौता नहीं करेगी।

भाजपा के अभी नेता हैं बाबूलाल मरांडी और आजसू के अध्यक्ष है सुदेश महतो हैं, जिनके निर्देश पर पार्टी बेहतर ढंग से तैयारी कर रही है. हमारी हैसियत पहले की अपेक्षा काफी बढ़ी है। संजय रंजन से यह पूछा गया कि क्या जयराम की पार्टी जेबीकेएसएस आजसू के लिए चुनौती बन सकती है और महतो वोट पर कब्जा जमा सकती है तो इस सवाल पर उन्होंने कहा कि आजसू जाति की राजनीति नहीं करती है. कोई ऐसी जात नहीं, जो आजसू के साथ नहीं। पिछले बार चुनाव में 50 सीटों पर प्रदर्शन अच्छा था, भले ही परिणाम कुछ और साबित हुआ। कोल्हान-संथाल में भी पार्टी तैयारी कर रही है। लोकसभा और विधानसभा चुनाव में काफी अंतर है. लोकसभा में जहां राष्ट्रीय मुद्दा होता है, वहीं विधानसभा में राज्य स्तरीय मुद्दा होता है। भाजपा शासित प्रदेशों में दंगे कम होते हैं। आजादी के बाद से अब तक 65 वर्षों तक कांग्रेस ने राज किया। एक मंत्री के पीए के घर में 35 करोड़ मिले थे। पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जेल गए, लेकिन उनके मामले में कुछ नहीं बोलना है, क्योंकि मामले की जांच केंद्रीय एजेंसी कर रही है।

NEWS ANP के लिए सोनू के साथ कुंवर अभिषेक सिंह की खास रिपोर्ट…