कोलकाता, पश्चिम बंगाल उत्तर 24 परगना दक्षिण बंगाल सीमान्त के अंतर्गत सीमा चौकी अंगरेल, पाँचवी वाहिनी, बीएसएफ के सतर्क जवानों ने सोने की तस्करी के एक बहुत बड़े प्रयास को विफल करते हुए एक भारतीय तस्कर को दो सोने की इंट और तीस सोने के बिस्कुटों के साथ गिरफ्तार किया है, तस्कर इन सोने के बिस्कुटों व इंटों को को बांग्लादेश से भारत में इच्छामती नदी के रास्ते तस्करी करने की कोशिश कर रहे थे।
जब्त सोने का कुल वजन 4.829 किलोग्राम और अनुमानित कीमत 3,09,70,273/- रुपये है. बीएसएफ प्रवक्ता के अनुसार, 21 जनवरी को लगभग शाम 3 बजे के करीब, सीमा ड्यूटी पर तैनात पाँचवी वाहिनी , बीएसएफ के जवानों ने तीन बदमाशों की गतिविधि देखी, जो जंगली घास और बाँस की झाड़ियाँ के घने जंगल से होते हुए इच्छामती नदी से बांग्लादेश की ओर से भारतीय सीमा की ओर गुप्त रूप से बढ़ रहे थे।

इस क्षेत्र में हलदरपारा गांव है जिसमे मकान इचामती नदी के किनारे तक फैले हुए हैं, जिससे बदमाशों को अवैध गतिविधियों को अंजाम देने का मौका मिल जाता है। जब बीएसएफ जवानों ने तस्करो को देखा व उनको ललकारते हुए बदमाशों का पीछा करना शुरू कर दिया। बीएसएफ जवानों ने अपनी सतर्कता और सूझबूझ से पहचान लिया कि बदमाशों में से एक अपने कंधे पर कुछ ले जा रहा है और उस बदमाश का पीछा किया। काफी मसकत के बाद बीएसएफ जवानों ने सोने की खेप लेकर जा रहे बदमाश को पकड़ने में सफलता हासिल की। पकड़े गए बदमाश के पास से जब्त कपड़े की बेल्ट खोलने पर पाँच नग भूरे रंग के टेप लगे पैकेट जिसमें दो सोने की इंट और तीस सोने के बिस्कुट बरामद हुए।पकड़े गए तस्कर की पहचान प्रोसेनजीत मंडल पुत्र श्रीबास मंडल, गांव-हलदर पारा, जिला-उत्तर 24 परगना, पश्चिम बंगाल के रूप में हुई।
पूछताछ के दौरान उसने बताया कि 21 जनवरी 2024 को ग्राम अंगरेल (घोषपारा) का एक व्यक्ति उसके घर आया और उससे बांग्लादेश से सोना लाने की बात की, जिसे बांग्लादेशी नागरिक वँहा तक लाएगा। इसके बाद दोनों इच्छामती नदी के तट पर पहुँचे जंहा दो अन्य व्यक्ति मिले, उन दोनों व्यक्तियों के साथ वह सोने की खेप लेन के लिए निकल गए। इसके अलावा, उसको मोबाइल फोन ले जाने के लिए कहा गया, ताकि वह उसकी सहायता कर सके, और बीएसएफ संतरी की गतिविधियों/आंदोलन पर भी बारीकी से नजर रख सके और उसे फोन पर सूचित कर सके, एक बांग्लादेशी व्यक्ति ने तैरकर इछमती नदी को पार किया और इछामती नदी के तट के पास उसे सोना सौंप दिया।
इसके बाद बांग्लादेशी नागरिक बांग्लादेश की ओर लौट आया और वह अन्य दो व्यक्तियों के साथ भारत की ओर चला गया। जब वे भारतीय सीमा में वापस आए, तो उसे बीएसएफ संतरियों पर नजर रख रहे व्यक्ति ने फोन के माध्यम से सूचित किया कि उन्हें बीएसएफ जवानों ने देख लिया है और उन्होंने उन्हें तुरंत भागने के लिए कहा। इतना सुनते ही अन्य दोनों व्यक्ति वहां से भाग गए पर उसे बीएसएफ जवानों ने उसे सोने के साथ पकड़ लिया। पूछताछ के दौरान पकड़े गए व्यक्ति ने उन्हें बताया कि सफलतापूर्वक सोना पहुंचाने के बाद उसे श्रम शुल्क के रूप में 500/- रु. मिलेंगे। लेकिन इस सब के दौरान बीएसएफ जवानों ने उसे सोने की खेप के साथ पकड़ लिया। उन्होंने कहा कि उन्हें उस पार्टी के बारे में जानकारी नहीं है जो उनसे सोना वसूल करेगी।
पकडे गए तस्कर व जब्त सोने को आगे की कानूनी कार्रवाही के लिए डीआरआई, कोलकाता को सौंप दिया गया है।
जवानों की इस उपलब्धि पर दक्षिण बंगाल सीमान्त के जनसंपर्क अधिकारी श्री ए.के. आर्य, डीआईजी ने खुशी जताई है. उन्होंने आगे कहा कि कुख्यात तस्कर गरीब और भोले-भाले लोगों को कम पैसों का लालच देकर अपने जाल में फंसाते हैं. कुख्यात तस्करी गिरोह सीधे तौर पर तस्करी जैसे अपराधों में शामिल नहीं होते हैं, इसलिए वे गरीब लोगों को निशाना बनाते हैं।
उन्होंने सीमा पर रहने वाले लोगों से अपील की है कि अगर उन्हें सोने की तस्करी से जुड़ी कोई जानकारी मिलती है तो वे इसकी जानकारी बीएसएफ के सीमा साथी हेल्पलाइन नंबर 14419 पर दे सकते हैं. इसके अलावा साउथ बंगाल फ्रंटियर ने एक और नंबर 9903472227 भी जारी किया है. व्हाट्सएप संदेश या सोने की तस्करी से जुड़े वॉइस मैसेज भी भेजे जा सकते हैं. पुख्ता जानकारी देने वाले व्यक्ति को उचित इनाम राशि दी जाएगी और उसकी पहचान गुप्त रखी जाएगी.
NEWS ANP के लिए पश्चिम बंगाल से अमरदेव की रिपोर्ट..
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