धनबाद ..(DHANBAD )ए कहावत है..”जहां चाह वहां राह है”.यदि आप में कुछ साकारात्मक बदलाव करने की जज़्बा है और इरादा नेक है तो पत्थर पर दुभ उगाया जा सकता है..कुछ ऐसा ही पहल किया है
झारखंड के बाल सुधार गृह के राज्य नोडल पदाधिकारी सह पूर्व सैन्य अधिकारी कर्नल जेके सिंह ने..जो कि सैप वाहिनी 02 के कमांडेंट के साथ एसटीएफ के एसपी भी है..
सूबे के बाल संप्रेषण गृह यानी बाल सुधार गृह जिसे आप बच्चा जेल और रिमांड होम के नाम से जानते है..जहां किसी अपराध की वजह से 14 साल से 17 साल के बीच के किशोर सुधार हेतु के रूप रखें जाते है.. एक अनुमान के मुताबिक झारखंड के सभी 24 जिले मिलाकर करीब 1700 लड़के इस वक्त बाल संप्रेषण गृह यानी रिकांड होम में रह रहें है..ज्यादातर किशोरों का भविष्य अंधकारमय होने के साथ समाज के लिए भी चुनौती भी बन जाता है..
ऐसे में धनबाद के रहने वाले झारखंड बाल सुधार गृह के नोडल अधिकारी कर्नल जेके सिंह ने ऑपरेशन सहूलियत के माध्यम से एक बड़ा बीड़ा उठाया है,अपने कार्यक्षेत्र के अधीन आने वाला धनबाद दुमका जमशेदपुर ,हजारीबाग , रांची के बाल सुधार गृह के बंदियों को जीवन सुधारने की योजना बनाई है साथ ही रोजी रोटी उपलब्ध करा सामाजिक मुख्यधारा में शामिल करने के लिए एक अभियान के तहत प्लान बनाया है जिसके तहत धनबाद के बच्चा जेल के शारीरिक मानसिक रूप से फिट किशोरों को सेना की अग्निवीर योजना से क्यों नहीं जोड़ा जाएं .और अपराध से तौबा कर चुके इन किशोरों को एक सैनिक के रूप में देश के लिए तैयार किया जाएं..बस इरादे के साथ अपनी टीम के सहयोगियों और धनबाद के सामाजिक सुरक्षा विभाग और डीएसडब्ल्यू पदाधिकारी और उनके टीम के सहयोग से काम शुरू कर दिया है..
भारतीय सेना के अधिकारी रहें कर्नल जेके सिंह ने बताया कि इस वक्त धनबाद में दो यूनिट है एक स्पेशल होम ,और दूसरा ऑब्जरवेशन होम है , अग्निवीर योजना से जोड़ने की शुरुआत धनबाद से करना चाहते है..
“भारतीय सेना का सैन्य प्रणाम ,
हर बूंद रक्त का बस राष्ट्र के नाम, उस बूंद का बस एक नाम ,
हिंदुस्तान, हिंदुस्तान , हिंदुस्तान..”
NEWS ANP से बात करते हुए कर्नल जेके सिंह ने बताया कि मैं चाहता हूं कि यह जो बच्चे हैं वो सही रास्ते पर चलें, राष्ट्र की उन्नति में सहायक बने और एक सम्मानित नागरिक के रूप में जीवन जीएं और इसके लिए इन्हें अग्निवीर कार्यक्रम के तहत आज से तैयार किया जाएगा
वैसे अग्नि वीर 2024 की परीक्षा का नोटिफिकेशन फरवरी में आ जाएगा और अप्रैल महीने में इसकी लिखित परीक्षा होगी.. इस परीक्षा में वस्तुनिष्ठ प्रश्नोत्तर पूछे जाते है..जिसमे चार ऑप्शन होते है और यह परीक्षा कंप्यूटर पर होती है इसलिए अभी से बच्चों को कंप्यूटर के साथ जानकारी देने का काम किया जाएगा
लिखित परीक्षा मेंचयन होने के बाद ही वे शारीरिक परीक्षा में शामिल होते है.. कर्नल जेके सिंह के अनुसार उनका लक्ष्य है कि धनबाद सहित पूरे झारखंड के बाल सुधार गृह से कम से कम 500 बच्चें अग्निवीर से जुड़े..इसको लेकर अपने मिशन बदलाव के लिए अभी से ही जी जान से जुट गए है..
NEWS ANP के लिए नितेश के साथ कुंवर अभिषेक सिंह की रिपोर्ट..

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