झरिया(JHARIYA): लोदना स्थित शिक्षक कॉलोनी में बुधवार को सावित्रीबाई फुले की जयंती मनाई गई।
सर्व प्रथम सावित्रीबाई फुले की तस्वीर पर मौजूद लोगों ने पुष्प अर्पित किया। तत्पश्चात सावित्रीबाई हम तुम्हें नहीं भूलेंगे, सावित्रीबाई अमर रहे, देश के प्रथम शिक्षिका को कोटि-कोटि नमन के साथ कार्यक्रम की शुरुआत की हुई अध्यक्षता रामवृक्ष धारी ने की।
प्रथम महिला शिक्षा के जयंती पर संविधान के कुछ प्रमुख आर्टिकल 14,15,16,17 अस्पृश्ता का अंत” के प्रति आम लोगों को समझाया गया। वही दलित शोषण मुक्ति मंच के राजकीय अध्यक्ष शिव बालक पासवान ने सावित्रीबाई फुले की जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सावित्रीबाई फूल के एक साल प्रशिक्षण के बाद 1 जनवरी 1848 में पुना के विश्रामबाग के भिंदेवाडा में तात्या साहेब भिंदे के घर पर प्रथम लड़कियों के लिए स्कूल खोला गया।
स्कूल में उनके सहयोगी शिक्षिकाएं फातमाबीबी और शगुनाबाई थी। सावित्रीबाई केवल ज्योतिराव की पत्नी के रूप में परिचित नहीं थी। उनकी अपनी प्रतिभा तथा कार्यक्षेत्र में उनके कर्मकांड की व्याप्ति गहराई थी।
वे एक अचछी लेखिका भी थी। भारत की पहली महिला शिक्षिका, कवियत्री, समाजसेविका, शिक्षाविद,समाज सुधारिका तथा भारत के नारी आंदोलन की पथिकृत थी। स्वाभाविक रूप से यह सवाल उठना जरूरी है क्यों इनकी इतनी अपेक्षा की गई।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से दलित शोषण मुक्ति मंच के राज्य उपाध्यक्ष रामवृक्ष धारी, जिला उपाध्यक्ष विनोद पासवान, शिवनारायण पासवान, नरेश पासवान, उमेश पासवान, हरेंद्र चौहान, महेंद्र भूईया, लालजीत पासवान, सविता देवी, शारदा देवी, राधा देवी, देवनंदन पासवान, राखी कुमारी, गौरी कुमारी, पल्लवी कुमारी, रागनी कुमारी, कुमकुम कुमारी तथा अन्य लोग शामिल थे।
NEWS ANP के लिए झरिया से भोला बाउरी की रिपोर्ट..
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