रांची(RANCHI): आजसू पार्टी के वरीय उपाध्यक्ष व सांसद चंद्र प्रकाश चौधरी ने कहा है कि पेयजल एवं स्वच्छता विभाग में तय नियमों को ठेंगा दिखाते हुए बगैर कार्यानुभव फर्जी दस्तावेजों के आधार पर भ्रष्टाचार में लिप्त होकर लाखों का न्यारावारा कर टेंडर आवंटन का खेल चल रहा है।
इस खेल में अभियंता प्रमुख अपनी महती भूमिका निभा रहे हैं। यही नहीं फर्जी दस्तावेज के आधार पर नियम विरुद्ध टेंडर आवंटित करने का खेल तो चल ही रहा है।
साथ ही टेंडर मैनेज करने खेल में एक योजना का तो बार- बार टेंडर हो रहा है। इस बार तो हद तो तब हो गयी कि जब बगैर कार्यानुभव फर्जी दस्तावेज के आधार पर टेंडर आवंटित करने की दिशा में फाईल तेजी से संबंधित पदाधिकारी व अभियंता के बीच घूम रही है।
उन्होंने कहा है कि यह मामला क्षेत्र भ्रमण के दौरान आया है और इस की जांच मंत्रिमंडल निगरानी विभाग की तकनीक परीक्षण कोषांग से कराकर दोषी पदाधिकारियों व संवेदकों के खिलाफ सख्त अनुशासनिक, प्रशासनिक व आपराधिक कार्रवाई करने की जरूरत है।
उन्होंने इसको लेकर राज्य के मुख्य सचिव व पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के सचिव को पत्र भी लिखा है।
उन्होंने कहा कि डुमरी प्रखंड में बिना कार्यानुभव प्रमाण पत्र का मेसर्स तपेश्वर सिंह को गिरिडीह -।। प्रमंडल के अंतर्गत डुमरी प्रखंड में विभागीय अभियंता प्रमुख व निविदा समिति के अन्य सदस्यों ने भ्रष्टाचार में लिप्त होकर करोड़ों का न्यारावारा करते हुए नियम विरुद्ध तरीके से ससारखों जलापूर्ति योजना (प्राक्कलित राशि करीब 25 करोड़) व बेढ़ा सुइयाडीह जलापूर्ति योजना( प्राक्कलित राशि करीब 25 करोड़) आदि कई योजनाओं का टेंडर आवंटन किया गया है।
इसी प्रकार खूंटी प्रमंडल में सुंदरी पोंडा नगर ग्राम जलापूर्ति योजना (प्राक्कलित राशि करीब 35 करोड़) के टेंडर आवंटन में नियमों की घोर अनदेखी की गयी है। इसके साथ ही रांची पूर्वी, रांची पश्चिम व अन्य प्रमंडल के अंतर्गत भी दर्जनों टेंडरों का आवंटन बिना कार्यानुभव प्रमाण पत्र व जरूरी दस्तावेज के भ्रष्टाचार में आकंठ डूब कर अभियंता प्रमुख व टेंडर समिति के अन्य सदस्यों ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर कर दिया है।
साथ ही उन्होंने कहा कि लोहरदगा प्रमंडल के अंतर्गत लोहरदगा प्रखंड के अरकोसा में बीयर निर्माण को लेकर टेंडर निकाला गया। इसमें मेसर्स सिदरा/ मेसर्स बुद्धा कंस्ट्रक्शन एवं इंडिया ट्रेडर्स ने भाग लिया है। इस टेंडर में किसी के पास कार्यानुभव प्रमाण पत्र नहीं है। फर्जी कार्यानुभव प्रमाण पत्र संलग्न किया है। दुर्भाग्य की बात यह है कि टेंडर मैनेज करने के खेल में विगत कई वर्षों से इस योजना का टेंडर आवंटन नहीं हो पा रहा है।
इससे यह योजना प्रभावित हो रही है। इसको देखते हुए समर्पित कार्यानुभव प्रमाण पत्र सहित सभी दस्तावेजों की जांच कराने के बाद टेंडर आवंटित करना उचित होगा। साथ ही जांचों परांत फर्जी दस्तावेज पाए जाने की स्थिति में दोषियों के विरुद्ध अनुशासनिक एवं आपराधिक कारवाई भी सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि पेयजल एवं स्वच्छता विभाग में चल रहे इस भ्रष्टाचार के खेल को विस्तार पूर्वक मुख्य सचिव एवं विभाग के सचिव को पत्र के माध्यम से अवगत करा दिया गया है।
NEWS ANP के लिए रांची से V SIngh की रिपोर्ट..
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