ED RAID:NRHM घोटाले के आरोपी प्रमोद सिंह के घर में वैल्यूर टीम ने किया सर्वे..6.97 करोड़ घोटाले में दूसरी बार एजेंसी पहुंची धनबाद..

धनबाद (DHANBAD )एनआरएचएम के 6.97 करोड़ घोटाले मामले में ईडी ने एक बार फिर से धनबाद का रुख किया है। एनआरएचएम के 6.97 करोड़ घोटाले में 40 दिनों में ईडी ने प्रमोद सिंह के घर दूसरी बार छापा मारा है। ईडी की टीम प्रमोद सिंह के ठिकानों पर सुबह से छानबीन कर रही है।

11 जुलाई को ईडी ने पूछताछ के लिए बुलाया था रांची, खुद को अस्वस्थ बताया और भेजकर नहीं गया प्रमोद सिंह

सूत्रों के अनुसार एनएचएम के 6.97 करोड़ घोटाले मामले में ईडी ने धनबाद में दबिश दी है. ईडी की टीम ने प्रमोद सिंह के ठिकानों पर छानबीन कर रही है. रांची से ईडी की टीम चार इनोवा गाड़ियों में सुरक्षाबलों के साथ सवार हो कर धनबाद में प्रमोद सिंह के सहयोगी नगर के सेक्टर थ्री स्थित आवासों पर छानबीन की है। बता दें कि 11 जुलाई को ही ईडी ने पूछताछ के लिए प्रमोद सिंह को रांची बुलाया था, लेकिन खुद को अस्वस्थ बताया और भेजकर प्रमोद सिंह नहीं गया।

2016 में करोड़ों का घोटाला करने का आरोप

ईडी प्रमोद सिंह के आवास पर 2016 में हुए करोड़ों रुपये के घोटाले मामले में छानबीन करने आई है. इससे पहले भी ईडी कई बार कार्रवाई कर चुकी है. प्रवर्तन निदेशालय ने पिछले महीने 4 जुलाई को भी प्रमोद सिंह के ठिकानों पर छापेमारी की थी और तीन महंगी गाड़ियों को जब्त कर ली थी. इस छापेमारी के दौरान प्रमोद सिंह ने अपने तीन मोबाइल बाहर भी फेंक दिये थे।

क्या है मामला

दरअसल, प्रमोद सिंह एनआरएचएम में धनबाद के जोड़ापोखर और झरिया ब्लॉक में अकाउंट मैनेजर था. 2008 में संविदा के आधार पर नियुक्त प्रमोद सिंह को मात्र 17 हजार रुपये मानदेय मिलता था. उसे एनआरएचएम के पैसे खर्च करने और कैश बुक लिखने की जिम्मेदारी थी. इसी क्रम में उसने सरकारी राशि गबन किया. जब मामले में जांच की गई तो पता चला कि वह धोखाधड़ी कर अपने परिजनों और करीबियों के खाते में पैसे ट्रांसफर किया. बाद में उन लोगों से पैसे वापस ले लेता था. उसने घोटाले की रकम से अचल संपत्ति जमा की और अपने रिश्तेदार के नाम पर गाड़ी खरीदी, फिर उसे खुद इस्तेमाल करता था. इस गाड़ी को फिर बाद में इसे अपनी पत्नी प्रिया सिंह के नाम ट्रांसफर किया।

4 जुलाई को ईडी ने प्रमोद सिंह समेत पांच लोगों के घरों पर की थी छापेमारी

प्रवर्तन निदेशालय (इडी) की टीम ने पिछले माह 4 जुलाई को धनबाद में नेशनल रूरल हेल्थ मिशन (एनआरएचएम) घोटाले से जुड़े पांच लोगों प्रमोद सिंह, अंजीव सिंह, अरुण सिंह, अश्विनी कुमार शर्मा और दिव्य प्रकाश के ठिकानों पर छापेमारी की थी। इस दौरान चल अचल संपत्ति और कोयले के कारोबार से जुड़े दस्तावेज जब्त किये गये हैं. इडी ने प्रमोद के घर पर खड़ी तीन महंगी गाड़ियां जब्त कर ली है. छापेमारी के दौरान प्रमोद ने अपने तीन मोबाइल फोन बाहर फेंक दिये. इडी ने सुबह करीब सात बजे चारों अभियुक्तों के ठिकानों पर छापा मारा था। जानकारी के अनुसार, प्रमोद कुमार सिंह एनआरएचएम में झरिया और जोड़ापोखर का ब्लॉक अकाउंट मैनेजर था. वर्ष 2008 में संविदा के आधार पर नियुक्त प्रमोद को 17 हजार रुपये मानदेय मिलता था. उसे एनआरएचएम की राशि खर्च करने और कैश बुक लिखने की जिम्मेवारी दी गयी थी. इसी दौरान उसने सरकारी राशि का गबन किया. जांच में पाया गया कि उसने धोखाधड़ी कर अपने रिश्तेदारों और करीबी लोगों के बैंक खाते में एनआरएचएम का पैसा ट्रांसफर किया. इसके बाद उन लोगों से पैसा वापस ले लिया. उसने घोटाले की रकम से अचल संपत्ति अर्जित करने के अलावा अपने करीबी के नाम पर एक गाड़ी खरीदी और खुद इस्तेमाल करता रहा. बाद में उसने इस गाड़ी को अपनी पत्नी प्रिया सिंह के नाम पर ट्रांसफर करा लिया. एनआरएचएम में हुए इस घोटाले के संबंध में रांची और धनबाद में सीबीआई ने वर्ष 2016 और 2019 में अलग अलग प्राथमिकी दर्ज की थी. इडी ने इन दोनों प्राथमिकी के आधार पर इसीआइआर दर्ज करने के बाद मामले की जांच शुरू की थी।

इनके ठिकानों पर पड़ा था छापा

– प्रमोद सिंह, सहयोगी नगर,सेक्टर 3,सरायढेला,धनबाद, अंजीव सिंह, भूली बी ब्लॉक, अरुण सिंह, नावाडीह, मनोरमा मेट्रोज अपार्टमेंट, अश्विनी कुमार शर्मा, क्वार्टर नंबर-4, कालीनगर, सोनारडीह, दिव्य प्रकाश, क्वार्टर नंबर 83, भूली नगर,सेक्टर-1,शिव मंदिर के पास, धनबाद।

NEWS ANP के लिए सोनू की रिपोर्ट