
झरिया (JHARIA)भौरा साउथ कोलियरी के 4 पैच व मेगा सी 2 परियोजना के जद में आये रैयतों की जमीन का मुआवजा मामले में मंगलवार को पूर्वी झरिया क्षेत्र के महाप्रबंधक व झामुमो नेता और रैयतो की बीच वार्ता विफल हो गया है।
जिससे झामुमो द्वारा 22 जुलाई को घोषित आर्थिक नाकेबंदी होना तय माना जा रहा है। वार्ता के बाद झामुमो नेता आशीष सिन्हा ने बताया कि जीएम हर मांग पर नकारात्मक रुख रहने से वार्ता विफल हुआ है। जीएम हर मांग को उच्चस्तरीय अधिकारियों मामला बता कर अपनी जिम्मेवारी से पिंड छुडाना चाहता है।
एरिया जीएम से कहा कि जब उच्चस्तरीय मामला है,तो जबतक मुआवजा भुगतना नहीं होगा,तबतक रैयतों की जमीन पर कोयला खनन बंद हो। प्रबन्धन भौरा 4 नंबर निवासी सुकू मांझी व ठाकुर परिवार का मकान तोड़ कर कोयला खनन किया है। जबकि जगबंधु महतो की जमीन पर 4 पैच का पानी बहा रहा है और प्रबंधन कहता कि कंपनी रैयतों की जमीन का इस्तेमाल नहीं कर रहा है।
मामले से उपायुक्त, सीएमडी व एडिशनल कलेक्टर को अवगत करायेंगे। मौके पर जगबंधु महतो,विशु महतो,फूलचंद महतो,कुलदीप महतो,रमेश सोरेन,तुलसी तुरी,रोहित मिर्धा,राधे मलिक,सुमित्रा मरांडी,सुशतों मुर्मू,बजरंगी तुरी आदि थे..
NEWS ANP के लिए झरिया से अनिल मुंडा की रिपोर्ट
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