धनबाद(DHANBAD)निरसा। धार्मिक उत्साह और सांस्कृतिक परंपरा का संगम रामनवमी के अवसर पर आयोजित होने वाले अखाड़े, धार्मिक उत्साह और सांस्कृतिक परंपरा का एक अद्भुत मिश्रण हैं। इनमें भगवान श्रीराम के जीवन चरित्र से जुड़े विभिन्न प्रसंगों का जीवंत चित्रण किया जाता है, जो दर्शकों को भक्ति और रस में डुबो देता है।
आज पुरे देश मे मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के जनमोत्स्व को लेकर धूम हैं, सुबह से ही मंदिर में काफी भीड़ देखी जा रही हैं जगह-जगह रामनवमी को लेकर कई धार्मिक अनुष्ठान किया जा रहा हैं और शाम को अखाड़ा निकाला गया निरसा क्षेत्रो में भी भव्य आयोजन किया जा रहा हैं और हैरत अंगेज कर्तब्य खिलाड़ियों द्वारा प्रदर्शन किया जा रहा है,
अखाड़े में विभिन्न आयु और लिंग के कलाकार भाग लेते हैं, जो भगवान श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण, हनुमान, रावण और अन्य पात्रों की भूमिका निभाते हैं।कलाकारो द्वारा रंगीन वेशभूषा, आकर्षक मुखौटे और ध्वज लेकर शोभायात्रा में शामिल होते हैं।
ढोल, नगाड़े, और शंख के मधुर धुनें पूरे वातावरण को भक्तिमय बना देती हैं।कुछ अखाड़ों में कलाबाजी, तलवारबाजी के प्रदर्शन भी होते हैं, जो दर्शकों को रोमांचित करते हैं।
रामनवमी अखाड़े भगवान राम के प्रति श्रद्धा और भक्ति को बढ़ावा देते हैं।ये सांस्कृतिक विरासत और परंपराओं को जीवित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। अखाड़े लोगों को एकजुट करते हैं और भाईचारे की भावना को मजबूत करते हैं।युवा पीढ़ी को धार्मिक मूल्यों और आदर्शों से अवगत कराने का यह एक प्रभावी माध्यम है।
रामनवमी अखाड़े न केवल धार्मिक उत्सव हैं, बल्कि सांस्कृतिक गौरव और राष्ट्रीय पहचान का प्रतीक भी हैं। ये आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देते रहेंगे और भारत की समृद्ध संस्कृति को जीवंत रखने में योगदान देंगे।
NEWS ANP के लिए निरसा से संतोष की रिपोर्ट…

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