आसनसोल(ASANSOL): पश्चिम बंगाल आसनसोल नगर निगम के वार्ड संख्या 87 स्थित डामरा इलाका इन दिनों कोल माफिया संतोष सिंह के नाम से कर्राह रहा है, स्थानीय लोगों की अगर माने तो संतोष सिंह नाम का कोल माफिया इलाके मे अवैध कोयला उतखन्न के लिए एक दो नही बल्कि सैकड़ों की संख्या मे रैट माइनिंग चला रहा है,
जिस रैट माइनिंग मे पिरुलिया, बांकूड़ा, मधुपुर, जामताड़ा सहित कई अन्य जगहों से मजदूर लाकर डिहाड़ी पर अवैध कोयले की उतखन्न करवा रहा है, जिसके बाद उन अवैध कोयलों को एक जगह इकठ्ठा कर ट्रकों मे लोडिंग कर सिण्डिकेट का पैड लगाकर बंगाल के विभिन्न कारखानों व इंट भठों तक सफलाई करवा रहा है,
लोगों का यह भी आरोप है की संतोष सिंह द्वारा चलाया जा रहा अवैध कोयले का खदान धीरे -धीरे उनके घरों तक पहुँच चूका है, लोगों ने संतोष सिंह के ऊपर यह भी आरोप लगाया की उन्होने संतोष सिंह को कई बार यह अपील की के वह अवैध कोयले के खदान उनके घरों से दूर करें,
बावजूद उसके वह अवैध कोयले की काली कमाई करने मे इतने व्यस्थ हो गए की उनको अवैध कोयले की कमाई के आगे गरीब जनता की आवाज और उनकी सिसकियाँ ना तो दिखाई दी और ना ही सुनाई दी और वह देखते ही देखते अवैध कोयले की उतखन्न करते -करते उनके घरों तक पहुँच गए, लोगों का यह भी आरोप है की संतोष सिंह द्वारा इलाके मे करवाया जा रहा अवैध कोयले की उतखन्न का कार्य से उनके घरों के निचे खोखला हो गया है,
उनके घर कभी भी और किसी भी समय जमीदोज हो सकते हैं और वह अपने परिवार के साथ उस जमीन मे जिंदा दफ़न हो सकते हैं, स्थानीय लोगों की अगर माने तो उन्होने इलाके मे संतोष सिंह द्वारा चलाया जा रहा अवैध कोयले के खदान को बंद करवाने के लिए कई बार स्थानीय पार्षद से शिकायत भी की पर स्थानीय पार्षद द्वारा इलाके मे चल रही अवैध कोयले के खदानों पर किसी भी तरह की कोई ठोस कदम नही उठाई गई,
शायद इसी लिए कोल माफिया संतोष सिंह का मनोबल बढ़ गया और वह पहले से भी ज्यादा ऊर्जा के साथ इलाके मे अवैध कोयले का उतखन्न करने लगा और देखते ही देखते इलाके मे इतनी बड़ी संख्या मे अवैध कोयले का रैट माइनिंग कर लिया की रात के अंधेरे मे अगर कोई अपने घरों से टॉर्च लेकर या फिर लालटेन लेकर नही निकला तो वह गहरे कुँवा नुमा बने अवैध कोयले के रैट माइनिंग मे गिरकर अपनी जान भी गँवा सकता है,
स्थानीय लोगों ने इलाके मे चल रहे सैकड़ों की संख्या मे बने अवैध कोयला उतखन्न के लिए रैट माइनिंग को बंद करवाने के लिए इसीएल को भी शिकायत की है, पर इसीएल के द्वारा भी अवैध कोयले के इन खदानों को बंद करवाने के लिये कोई ठोस कदम नही उठाई गई, जिससे तंग आकर अपनी जान बचाने के लिए स्थानीय लोगों ने गुरुवार को इलाके मे चल रही अवैध कोयले के खदानों पर हल्ला बोल दिया और अवैध खदानों मे कोयला काट रहे कोयला चोरों व खदानों के बाहर खड़े कोयला माफियाओं को खदेड़ कर भगा दिया, वहीं अवैध खदानों मे इस्तेमाल होने वाले बांस को जलाकर जमकर इलाके के लोगों ने जमकर प्रदर्शन भी किया,
इलाके मे घटी इस घटना को लेकर गुरुवार को पुरे दिन इलाके मे सन्नाटा पसरा रहा, कोयला माफियाओं व कोयला चोरों को दूर -दूर तक कहीं नही देखा गया, बस यह खबर मिलती रही की कोयला माफिया प्रदर्शन करने वाले लोगों को किस तरह शांत करवाया जाए उन्हें किस तरह मनाया जाए वह योजना बनाने मे व्यस्थ दिखे, खबर यह भी सामने आई की अवैध कोयले के सिण्डिकेट के दल ने पुलिस से भी मामले को रफा- दफा करवाने की जी तोड़ कोसिस की पर बात नही बनी,
अवैध कोयला उतखन्न को लेकर भड़के लोगों के गुस्से को देख पुलिस भी मामले मे हस्तक्षेप करने से दूर रही, पुलिस ने शिकायत मिलने पर कार्रवाई करने की चेतावनी भी दे डाली है, जिसको लेकर कोयला माफियाओं मे हड़कंप का माहौल है, सिण्डिकेट के नाम पर इलाके से अवैध कोयले का उतखन्न व इसकी तस्करी करने वाला संतोष सिंह अवैध कोयले की कारोबार को कैसे चलाए कैसे आगे बढ़ाए जिससे अब इस तरह का विवाद खड़ा ना हो और ना ही कोई समस्या हो उसकी सेटिंग मे कोयला माफिया संतोष सिंह जुट गया है,
ऐसे मे सवाल यह भी उठ रहा है की जिस शहर मे अवैध कोयले के कारोबार मामले पर सिबिआई और ईडी की चल रही कार्रवाई अब तक नही थमी है बावजूद उसके संतोष सिंह जैसे कोयला तस्कर आखिरकार किसके बल पर व किसके छत्र -छाया मे रहकर अवैध कोयले की उतखन्न व उसकी तस्करी कर रहे हैं, अवैध कोयलों की तस्करी के खिलाफ लगातार आंदोलन व पश्चिम बंगाल के राज्य्पाल डॉक्टर सीवीआनंद बोस सहित केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह तक लिखित शिकायत दी गई हो बावजूद उसके अवैध कोयले के कारोबार पर ना तो लगाम लग रही है और ना ही कोयला माफियाओं पर कार्रवाई.
NEWS ANP के लिए प०बंगाल से अमरदेव की रिपोर्ट..

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